हेल्लो नमस्कार दोस्तों , पहाड़ो मैं विलुप्त पानी का स्रोत :- पहाड़ो में गहरता पानी का एक और संकट सामने आ रहा है जिसके कारन आज पहाड़ की आम जनजीवन व प्राणी प्रभावित हो रहे है पहले पहाड़ो में पानी की कमी नही होती थी लेकिन दौर बदल चूका हैं ! अगर यूँ ही पहाड़ो की वन की कटाई व् खास कर शहरो में पनपता प्रदुषण व् नदियों में गंदे गटरो ( नाले) का पानी गिरता रहा तो आये दिन ये खतरा बढता जायेगा नदियों का घटता जल स्तर, हिमालय का पिघलना, अजीव प्रकार की बीमारियों का पनपना पहाड़ो के लिए खतरे का संकेत है 2010 की बिकराल रूप लेती बारिस ने उत्तराखंड की जनजीवन को कितना प्रभावित किया है चमोली जिले मैं बारिश से भू-स्खलन के कारण चार गाँव को विस्थपित करने की मांग की गई ! पौड़ी मैं एक महीने तक आवागमन ही बंद रहा ! जुलाई 2012 तक बारिश नहीं हुई है उत्तराखंड की खेती योग्य भूमि बारिश के भरोशे होती है बारिश न होने से पैदावार में नुकसान ही होगा !
प्रश्न ------1 अब क्या करला
प्रश्न ------- 2 खेती को नुसान व् जनजीवन को नुकसान
पानी नि चा लोग तर्स्गिना म्यार उत्तराखंड का भुला डाव ( पेड़) वोट्टी ( पौधा ) बचवा जेमा हम व् हमार बच्चा और हम खुश रे सकला इमा म्यार कोई निजी स्वार्थ नि चा हमार बौंड ( बन) बची राला तै त हमरा स्वस्थ ठीक राला हमारा खेती भी बची राली
हम ता वे मुल्क पहाड़ो रण वाव छी जख बाटी जीवनदायनी नदी उत्पन हुन्दी और खुद हम बारिश खिन तरसना छीन किले?..............
प्रश्न ------1 अब क्या करला
प्रश्न ------- 2 खेती को नुसान व् जनजीवन को नुकसान
पानी नि चा लोग तर्स्गिना म्यार उत्तराखंड का भुला डाव ( पेड़) वोट्टी ( पौधा ) बचवा जेमा हम व् हमार बच्चा और हम खुश रे सकला इमा म्यार कोई निजी स्वार्थ नि चा हमार बौंड ( बन) बची राला तै त हमरा स्वस्थ ठीक राला हमारा खेती भी बची राली
हम ता वे मुल्क पहाड़ो रण वाव छी जख बाटी जीवनदायनी नदी उत्पन हुन्दी और खुद हम बारिश खिन तरसना छीन किले?..............
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