पहाड़ो की पारी एक सच्ची घटना
आँखों मैं सपने लिए बिन्सरी सुबह ( प्रात: कल का समय ) का समय था बिस्तर पर सोया हुवा सपने देखा रहा था मन मैं न जाने अजीब सी कशिस थी मम्मी ने चाय के लिए पुछा लेकिन मन कर दिया !
दिन भर घर के कामो मैं ही ब्य्तित हो गया कुछ पता न चला वाही गाँव की सुहानी शाम चिडियों की छ्चने की आवाज व् गाय पशुवो की फुँकार से लग रहा की शाम होने को है ! गाँव की शाम का आनन्द हर किसी को नहीं मिल पाती है जिसे मिल जाता है वह उस आनन्द का बया भी नहीं कर पायेगा !
वो इस वक्त घर मैं ही थी ....नाम है उसका (........) क्या लड़की थी चंचली थोडा गोल चेहरा रंग सावली आँख काली होंठ महरूम स्वभाव .. बेमतलव की बात से उसे चीढ हिती थी कद 5 फुट के आसपास अछि सेहत वाली .......................... मैं भी आपने घर मैं ही था
रोज रोज का मेल मिलाप न जाने दिल की धडकने आज तेज हुई थी आज मिलने की दिल मैं कशिस क्यों उजगर हो रही थी मैं भी नहीं जनता मन क्यों इतना बेकरार था होता है सायद उनसे पूछ लो जो ...............
शाम को वह मेरा ही इंतजार मैं बैठी हो सकती है मैं शाम को टहलते - २ दोस्तों से विदा ले के उधर से गुजर ही रहा था कान सुनने को बेक़रार थे जी हा धीरे -२ चलता गया चेहरा घुमाया ही था की एक आवाज आई ................... चाय पी लो जी .................................. कानो से सुनी आवाज दिल तक गई धडकने बढ़ गई घुमा उनकी घर की जाने लगा चलते कदम रुक गए उनके आँगन मैं बैठ गई चाय आने का इंतजार करने लगा जैसे वो चाय ले के आई उसने कहा की लो जी चाय हाथ कप की ओउर बडया और उसका हाथ ही थाम बैठा मुह से चुबान नहीं आ रही थी केवल धडकने ही बया कर गई फिर भी मुह से बोल दिया I LOVE YOU
उसने मेरे बात पर कोई गौर नहीं किया हाँ या न का जबाब नहीं दिया इंतजार नहीं हो रहा था ................
आखिर ओ ही दिन आ गया मैं फिर से कहा i love यू उसने कहा की हर बात बोली नहीं जाती बस फिर रोज का आना जाना उठाना बैठना हो गया अन्यास ही दिल बार बार बेकाबू होने लगता ......... एक दिन मैं उसे बेड पर किताब पढ़ते देखा उसके परीशा चल रही थी मै गया और उसे बांहों मे भर लिया सायद उसे भी अच्छा लगा लेकिन उसने मुझे जाने के लिए कह दिया प्यार पनपता गया ......फिर एक दर्दनाक मोड़ आया जिसमे हम दोनों एक दुसरे से दूर हो गए ...................... आज भी जब एक दुसरे को देखते है हो दिल की धड़कने तेज होने लगती है ............
प्यार का रिश्ता होता ही एसा है जो कभी भी नहीं टूटता नहीं है ........और
अब शादी हो चुकी है अरेंज मेरिज है बीबी ठीक ठाक ही है ...
उसने मेरे बात पर कोई गौर नहीं किया हाँ या न का जबाब नहीं दिया इंतजार नहीं हो रहा था ................
आखिर ओ ही दिन आ गया मैं फिर से कहा i love यू उसने कहा की हर बात बोली नहीं जाती बस फिर रोज का आना जाना उठाना बैठना हो गया अन्यास ही दिल बार बार बेकाबू होने लगता ......... एक दिन मैं उसे बेड पर किताब पढ़ते देखा उसके परीशा चल रही थी मै गया और उसे बांहों मे भर लिया सायद उसे भी अच्छा लगा लेकिन उसने मुझे जाने के लिए कह दिया प्यार पनपता गया ......फिर एक दर्दनाक मोड़ आया जिसमे हम दोनों एक दुसरे से दूर हो गए ...................... आज भी जब एक दुसरे को देखते है हो दिल की धड़कने तेज होने लगती है ............
प्यार का रिश्ता होता ही एसा है जो कभी भी नहीं टूटता नहीं है ........और
अब शादी हो चुकी है अरेंज मेरिज है बीबी ठीक ठाक ही है ...
मुस्कराना ही ख़ुशी नहीं होती,
उम्र बिताना ही ज़िन्दगी नहीं होती,
दोस्त को रोज याद करना पड़ता है,
क्योकि दोस्त कहना ही दोस्ती नहीं होती
दोस्तो के खुशी से ही खुशी है,
तेरे गम से हम दुखी है,
तुम हंसो तो खुश हो जाऊंगा,
तेरे आँखो मे आँसु हो तो मनाऊंगा।
ये दुनिया बदल जाये पर कितनी भी,
पर मै न बदलऊंगा,
जो बदल गये वो दोस्त थे मेरे,
पर कोई ना पास है अब मेरे।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें