। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दो सीएमओ की सुपारी देकर हत्या कराने के आरोपी डिप्टी सीएमओ वाईएस सचान के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सरकार को बृहस्पतिवार को मिल गई। सूबे के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह के मुताबिक शरीर पर कुल नौ चोटों के निशान हैं जिनमें आठ धारदार हथियार से किए गए। सचान की मौत अधिक खून बहने से हुई है। विपक्षी दलों- सपा, भाजपा और कांग्रेस का कहना है कि यह सीधे- सीधे हत्या का मामला है जिसे विभागीय घपलों पर परदा डालने के लिए अंजाम दिया गया। तीनों दल पूरे मामले की सीबीआई जांच के लिए बड़े आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। इस बीच प्रशासन ने इस मामले में जेलर समेत पांच लोगों को निलंबित कर जांच शुरू करा दी। उधर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने शासन को सख्त हिदायत दी है कि विसरा हर हाल में सुरक्षित रखा जाए। कैबिनेट सेक्रेटरी शशांक शेखर सिंह के मुताबिक बुधवार को जिला कारागार में मृत पाए गए डिप्टी सीएमओ डा. सचान के शव का पोस्टमार्टम चिकित्सा विविद्यालय के पांच वरिष्ठ डाक्टरों की अगुआई में हुआ। पूरे पोस्टमार्टम की वीडियो रिकार्डिग भी कराई गई। डा. सचान के शरीर पर गंभीर चोटों के नौ घाव पाए गए। इनमें आठ धारदार हथियार की हैं। ये चोटें गर्दन में दो, दोनों हाथों की कोहनी पर दोदो, दाहिनी जांघ के ऊपरी हिस्से में एक, बांयी कलाई पर एक और सीने पर एक है। रिपोर्ट में मौत के कारणों में गंभीर चोटें व अत्यधिक रक्तस्रव बताया गया है। गले में चारों ओर फंदे का निशान मिला है। डिप्टी सीएमओ की हत्या किए जाने की आशंका के सवाल पर कैबिनेट सेक्रेटरी ने एक बार फिर से प्रथमदृष्टया (शेष पेज 2 व संबंधित समाचार पेज 9) शरीर पर मिले चोट के नौ निशान परिजनों और विपक्षी दलों ने की मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग सीबीआई जांच की घोषणा न होने तक अंत्येष्टि न करने पर अड़े परिजन शासन ने जेलर, डिप्टी जेलर समेत पांच जेल कर्मियों को किया निलंबित, न्यायिक जांच शुरू हत्या की ओर इशारा करते हालात भवान सिंह मनाई |
शुक्रवार, 24 जून 2011
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