बुधवार, 8 जून 2011

रामलीला मैंदान कि सचाई

प्रिय ,
पाठको,
 नमस्कार   ...................
    आपका स्नेह बार बार प्राप्त होता रहता है मैं भवान सिंह मनाई आपने ब्लॉग के माध्यम से आपको  नये - नये समाचार, विचार, आस्था , राजनीतिग मंथन , सामाजिक कार्यकलापो, देश भक्ति के विचारो से अवगत समय - समय पर करता रहता हूँ आज नेटवर्किंग के माध्यम से हमारी  सिविल सोसाईटी एक मजबूत कदम पर है चाहे वह राजनीतिग हो या सामाजिक हर क्षेत्र मैं हम और तुम समाज की कुरीतियों को बदलने मैं क्षक्ष्म हो सकते है समय की मज़बूरी के कारण थोडा सा बिलम्ब हो गया हूँ जी हेतु क्षमा चहता हूँ

रामलीला मेंदान की सचाई पर एक नजर  :                       k
        1 . काँग्रेश की ( UPA) सरकार ने देश की जनता के विचारो व् भावनाओ का दमन किया है ! भारत आजाद देश है हर ब्यक्ति को अपना प्क्ष रखने का आधिकार है भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक देश माना जाता है इस प्रकार निहते व् निर्दोष व् सोई हुई  लोगो पर अस्त्र सत्र व् बल से  बर्बरता पूर्वक ब्यवहार किया गया है वह लोकतंत्र पर आघात है ! एवं एक कला धब्बा इतिहास की पन्नो पर सर्जित हो गया है यह स्वतंत्र के बाद पहली घटना है  
      हम उस दिन को याद करे जिस भारत की जनता बिर्टिश शासन की बगावत कर रही थी उस  दिन उत्तराखंड के पूर्व स्वतंत्र सेनानी बीर चंदर सिंह गढ़वाली ने  अंग्रेज कमानडर के आदेश का पालन न करते हुए  निहत्य जनता पर वार करने से माना कर दिया था   और बन्दुक को जमीन पर फ़ेंक दिया और साथियों को कह दिया की कोई भी सिपाही निर्दोष व खली हाथ जनता पर गोली नहीं चला सकते है  और वह लोग आज अम्र हो चुके है लेकिन आज जन्म भूमि (चौथान क्षेत्र ( मौसो)   ब्लाक थेलिसेँण  पौड़ी गढ़० ) मैं 23 मार्च को सहीद दिवस मनाकर हर वर्ष मुख्यमंत्री उनकी मूर्ति पर माला डाल कर गढ़वाली जी को शारदा सुमन अर्पित करते है 
            लेकिन जिस प्रकार 4 जून 2011  की  रात को दिल्ली पुलिस व  बी एस इ एफ के 5000 जवाने ने  लोगो पर बर्बरता से अत्याचार किये उन जवानो की हृदय मैं पीड़ा नहीं पत्थर है. वो अपने कर्तब्यो का पालन  न कर सके !    
2 .  न्याय की एक आस्था लोगो मै जगी माननीय सुप्रीम कोर्ट ने खुद संगयान लेते हुए दिल्ली पुलिस कमिशनर ग्रह सचिव, सरकार को 15 दिनों के लिए जबाब तलब किया है और कहा है घायल ब्यक्तियो के लिए सरकार ने क्या किया उनका उपचार के लिया या मुआबजा के लिए क्या ब्यवस्था कि है  और इसी क्या आन पड़ी है कि रात को बल पूर्वक लोगो के साथ मारपीट कि और रामलीला ग्राउंड के गेट बंद करके सोई हुई जनता पर आंसू गेंस के गोले दागे गए व रबर कि गोलिया बरसी गई 
३ .  आज राहुल गाँधी नही दिखाई दे रहे है नॉएडा मैं दो किसानो कि मित्यु के लिए 24 घंटे गाँव मैं डेरा जमा रखा था लेकिन रामलीला ग्राउंड मैं 64 लोगो कि हालत नाजुक बनी हुई है एक महिला ( राजबाला ) 4 दिनों से आयु ICU  मैं भर्ती है   उसे तो राहुल गाँधी देखने नहीं आते आखिर क्यों?  और कांग्रेस के दागी नेता दिग्विजय का जुबानी चाकू एक बार फिर नजर आई
4 .  सरकार आज मामले पर कितनी भी लीपापोती करे लेकिन वह अपने  दामन नहीं बचा सकी सरकार के मंत्रियों को नेतिक तौर पर इस्तीफा दे देना चाहिए 
रामदेव का अनशन जरी समर्थको से कहा खत्म करे अनशन:  
        योग बाबा रामदेव का अनशन जरी और अपने समर्थको से कहा ख़त्म करे अनशन और जिस प्रकार उनके समर्थक रोज रोज केंडल मार्च निकल रहे है लगता है कि  रामदेव ने लोगो को जगरीत करने मैं अहम भूमिका निभाई है रामदेव का यह  मिशन देश को जगाने के लिए काफी है 
बाबा व निशंक कि 2 घंटे कि गुप्तगू
          बाबा व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री निशंक कि क्या गुप्तगू हुई इस बारे मैं बाबा ने कुछ नहीं बताया लेकिन निशंक जी ने कहा कि बाबा को उत्तराखंड कि तरफ से पूरी सुरषा दी जाएगी 
बाबा के सत्यग्रह का परिणाम:       रामलीला मैदान का  आक्रोस पुरे देश मैं आग कि तरह फैल चूका है  जनता आने वाले समय मैं करारा जबाब देने के लिए तैयार हो चुकी है या सरकार के लिए सबक बन चूका है

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