गुरुवार, 5 मई 2011

सन्देस

उत्तराखंडी भाइयो तै नमस्कार आप का प्यार व आपका स्नेह लगातार मिलता रहता है आज दिल्ली मा जतिगा गढ़वाली व कुमाउनी छि: मी सबते धन्यबाद दूँण छुव आज यखी राइ के भाई अपण ससंकृत तै नी भूली आप अपण मन मर्यादा तै न भूल्य !  
जै देवभूमि उत्तराखंड मे हम पल्या बड्या छोऊ आज वी धरती देक्खी हम रूठ्या छन किले अरे म्यार भयो हमार बुजुर्ग बुलनी की    अपण मेअती व अपण खेअती कभी भी निराश नी करदी !
आवा बोड़ी जा अपण मुलुक ये देवभूमि तुमारी आश लगी चा सेई निरदनी परदेस मे रै की तुमार भी मन मा कुछ भुर विचार नी आई जव !  द्वि रोटी का बाना हम लोग अपण मुलुक छोड़ी आया छि अरे पगलो द्वि रोटी तै हम यख भी खाई सकदी अपण सेई निठुर प्राण तै किले सजा दयुना छि !
    आपका अपण भेजी 
       भवान सिंह मनाई 
ग्राम व पो ओ - रिक्साल 
पट्टी - चौथान,  ब्लोक - थेलीसेंण 
जिला - पौड़ी गढ़वाल 
              उत्तराखंड 

मो०. न०.          9654571552














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